चाँदनी में बँधी धुंधली सुई, जैसे तारों ने बुनाई की खामोश कहानी
तेरे नाम की खुशबु हर साँस में घुल गई, जैसे हवा ने याद को छू लिया
आँखों के तालाब में डूबते तारे, फिर भी तेरी याद की रेत पर चलते हैं कदम
मोहब्बट अब एक शिल्ला नहीं, एक अनसुनी धड़कन बन गई हैAI Shayar
Love